Hanuman Ashtak | प्रतिदिन हनुमान अष्टक के पाठ करने का लाभ

आज के इस पोस्ट में हम आपको हनुमान अष्टक के बारे में बताएँगे। इसमें हम आपको Hanuman Ashtak के lyrics भी उपलब्ध कराएंगे। हमे रोजाना इसका पाठ करना चाहिए। इसके प्रतिदिन पाठ करने से अनेको फायदे होते है। हनुमान अष्टक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है।

दोस्तों बहुत से लोग भगवान हनुमान जी को प्रसन करने के लिए हनुमान चालीसा , हनुमान आरती एवं बजरंग बाण का नित्य पाठ करते है परन्तु वे Hanuman Ashtak का नित्य पाठ नहीं करते है। इस article के हम आपको Hanuman Ashtak की पूरी जानकारी देंगे एवं इसके नित्य पाठ से होने वाले लाभ के बारे में आप सभी को बताएंगे ताकि आप सब इसका पाठ करने के लिए प्रेरित हो सके। 

जैसा की हम सभी जानते है की बचपन में हनुमान जी के पास बहुत शक्तियां थी। बचपन में वे ऋषि मुनियो को नादानी में काफी परेशान किया करते थे। जिस कारन उन्हें श्राप मिला की वे अपनी  शक्तियों को भूल जाएंगे। और किसी के याद दिलाने पर ही वे उन्हें वापस याद आएँगी। और हम सब जानते ही है की हनुमान जी को समुद्र पार कराने के लिए उनकी शक्तियो को याद कराया गया था।

हनुमान अष्टक के पाठ करके हनुमान जी के भक्त उन्हें उनकी  शक्तियों का स्मरण कराते है। और वे हनुमान जी से आग्रह करते है की संकट की स्थिति में भगवान हमेशा उनकी रक्षा करे।

Shri Hanuman Ashtak 

बाल समय रवि भक्षि लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारों
ताहि सो त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात  न टारो
देवन आनि करी विनती तब,

छाड़ि दियो रवि कष्ट निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो, को – १
बालि की त्रास कपीस बसै गिरि,
जात महाप्रभु पंथ निहारो
चौंकि महामुनि शाप दियो तब ,
चाहिए कौन बिचार बिचारो
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
सो तुम दास के शोक निवारो, – को – २

अंगद के संग लेन गए सिय,
खोज कपीश यह बैन उचारो
जीवत ना बचिहौ हम सो  जु ,
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब ,
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो,-  को – ३
रावण त्रास दई सिय को तब ,
राक्षसि सो कही सोक निवारो
ताहि समय हनुमान महाप्रभु ,
जाए महा रजनीचर मारो
चाहत सीय असोक सों आगिसु ,
दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो, -को – ४
बान लग्यो उर लछिमन के तब ,
प्राण तजे सुत रावन मारो
लै गृह बैद्य सुषेन समेत ,
तबै गिरि द्रोण सुबीर उपारो
आनि संजीवन हाथ दई तब ,
लछिमन के तुम प्रान उबारो, – को – ५
रावन युद्ध अजान कियो तब ,
नाग कि फांस सबै सिर डारो
श्री रघुनाथ समेत सबै दल ,
मोह भयो यह संकट भारो
आनि खगेस तबै हनुमान जु ,
बंधन काटि सुत्रास निवारो,-  को – ६
बंधु समेत जबै अहिरावन,
लै रघुनाथ पताल सिधारो
देवहिं पूजि भली विधि सों बलि ,
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो
जाये सहाए भयो तब ही ,
अहिरावन सैन्य समेत संहारो,- को – ७
काज किये बड़ देवन के तुम ,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो
कौन सो संकट मोर गरीब को ,
जो तुमसो नहिं जात है टारो
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु ,
जो कछु संकट होए हमारो,-  को – ८

दोहा
लाल देह लाली लसे , अरु धरि लाल लंगूर I
बज्र देह दानव दलन , जय जय जय कपि सूर II

 

प्रतिदिन हनुमान अष्टक का पाठ करने के लाभ 

  1. हनुमान जी हमारी रक्षा करते है। 
  2. इस अष्टक के पाठ से हनुमान जी को प्रसन किया जाता है। 
  3. इसके पाठ से आपके मन से शत्रु का भय कम होता है एवं आपको stress नहीं होता। 
  4. आपका हर कार्य जो की किसी अच्छे कार्य के लिए किया जा रहा हो वो बिना किसी रूकावट के पूरा हो जाता है।
  5. अगर आपको हमेशा कोई न कोई चिंता सताती रहती है तो आपको इस अष्टक का पाठ अवस्य करना चाहिए क्युकी इसके पाठ से मन शांत होता है। 
  6. आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है। 
  7. दुःख दूर होते है
  8. सुख की प्राप्ति होती है
  9. हनुमान सही मार्ग दर्शाते हैं
  10. हनुमान जी को प्रसन करने के लिए आप हनुमान चालीसा , हनुमान आरती , हनुमान स्तोत्र , बजरंग बाण एवं हनुमान वंदना का पाठ अवस्य करे। 

दोस्तों मुझे आशा है की आप सभी को हमारा यह article बहुत पसंद आया होगा जो की Hanuman Ashtak  Lyrics   के ऊपर लिखा गया है। दोस्तों मैं आप सभी से यही कहूंगा की अगर आपको हमारी यह मेहनत पसंद आयी हो और अगर आप इसे सराहना चाहते है तो आप इसे अवस्य share करे। 

अतः मैं आशा करूँगा की आप इसे रोज पढ़कर अपने दिन की शुरुआत करेंगे और अपना दिन सफल बनाएँगे।

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Yadav

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