Diwali पर Laxmi जी की पूजा कैसे करे | Laxmi Ji Ki Puja Kaise Kare

Laxmi Ji Ki Puja Kaise Kare: हर साल Diwali पर Laxmi जी की पूजा की जाती हैं और दिवाली को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता हैं. ऐसे में अगर आप Diwali पर Laxmi जी की पूजा करने के लिए लक्ष्मी पूजन मंत्र या लक्ष्मी पूजन विधि मंत्र सहित जानना चाहते हैं तो हम आपको बताएँगे कि दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा कैसे करते हैं?

हम सभी जानते हैं कि हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को देश भर में दिवाली का त्योहार मनाया जाता हैं. दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा व पवित्र त्यौहार है.

इस साल दिवाली 24 अक्टूबर को मनाया जायेगा और महालक्ष्मी व कुबेर की पूजा विधि विधान से की जाएगी. आइये जानते है कि दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा कैसे करते हैं?

Diwali पर Laxmi जी की पूजा कैसे करे (Laxmi Ji Ki Puja Kaise Kare)

आज बहुत से ऐसे दंपति है जो दिवाली पर लक्ष्मी पूजा करने की विधि नहीं जानते है और कैसे भी लक्ष्मी की पूजा कर लेते हैं. यहाँ पर आपको लक्ष्मी पूजन विधि मंत्र सहित बता रहे हैं.

लक्ष्मी जी की पूजा कैसे करते हैं?

  • दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थल पर एक चौकी रखें और लाल कपड़ा बिछाकर उस पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति रखें.
  • यदि मूर्तियाँ ना हो तो दीवार पर लक्ष्मी जी का चित्र लगाएं और चौकी के पास जल से भरा एक कलश रखें।
  • इसके बाद माता लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति पर तिलक लगाएं और दीपक जलाकर जल, मौली, चावल, फल, गुड़, हल्दी, अबीर-गुलाल आदि अर्पित करें.
  • इसके बाद माता महालक्ष्मी जी की स्तुति करें। मां लक्ष्मी के मन्त्रों का जाप कमलगट्टे की माला से करें.
  • इसके साथ देवी सरस्वती, मां काली, भगवान विष्णु और कुबेर देव की भी विधि विधान से पूजा करें।

दिवाली लक्ष्मी पूजन विधि मंत्र सहित

सबसे पहले माता लक्ष्मी का ध्यान करेंः – ॐ या सा पद्मासनस्था, विपुल-कटि-तटी, पद्म-दलायताक्षी। गम्भीरावर्त-नाभिः, स्तन-भर-नमिता, शुभ्र-वस्त्रोत्तरीया।। लक्ष्मी दिव्यैर्गजेन्द्रैः। ज-खचितैः, स्नापिता हेम-कुम्भैः। नित्यं सा पद्म-हस्ता, मम वसतु गृहे, सर्व-मांगल्य-युक्ता।।

अब हाथ में अक्षत लेकर बोलें “ॐ भूर्भुवः स्वः महालक्ष्मी, इहागच्छ इह तिष्ठ, एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम्।” प्रतिष्ठा के बाद स्नान कराएं: ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः।। इदं रक्त चंदनम् लेपनम् से रक्त चंदन लगाएं। इदं सिन्दूराभरणं से सिन्दूर लगाएं। ‘ॐ मन्दार-पारिजाताद्यैः, अनेकैः कुसुमैः शुभैः। पूजयामि शिवे, भक्तया, कमलायै नमो नमः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः, पुष्पाणि समर्पयामि।’इस मंत्र से पुष्प चढ़ाएं फिर माला पहनाएं। अब लक्ष्मी देवी को इदं रक्त वस्त्र समर्पयामि कहकर लाल वस्त्र पहनाएं।

दिवाली पर करें इन नियमों का पालन

सबसे पहले घर की अच्छे से साफ सफाई करें और नहा ले. शाम को माता लक्ष्मी की पूजा करने के बाद ही खाना खाएं.

दिवाली में पांच दिनों तक स्त्री प्रंसग न करें ऐसा करने से दरिद्रता का वास होता हैं.

निष्कर्ष

हमने आपको बताया है कि Laxmi Ji Ki Puja Kaise Kare? अगर आप इस तरीके से पूजा करते है तो आपके घर में माता लक्ष्मी जी वास होगा और शुख शांति भी होगी. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि आपको दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा करने के लिए नियमों को पालन करना होगा.

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