Navgrah Stotra | रोजाना नवग्रह स्तोत्र पढ़ने से ये होगा आपके साथ।

दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से हमारे इस blog पर हार्दिक स्वागत है। दोस्तों आज हम Navgrah Stotra के बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे। दोस्तों आप सभी से निवेदन है की आप सभी इस article को पूरा पढ़ें।

दोस्तों नवग्रह स्तोत्र का पाठ नवग्रहों को खुश करने के लिए किया जाता है। दोस्तों यदि आपके साथ कुछ भी सही नहीं हो रहा है या फिर आपको हमेशा कोई न कोई परेशानी होती ही रहती है तो इसका एक कारन यह हो सकता है की आपके ग्रहो की दशा ख़राब हो। दोस्तों इसे ठीक करने के लिए आपको नवग्रह स्तोत्र का पाठ करना जरुरी है।

दोस्तों आप सभी लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए आज के इस बेहतरीन article की सहायता से हम आपको Navgrah Stotra Lyrics के साथ साथ इसके पाठ से होने वाले लाभों के बारे में भी बताएंगे। दोस्तों आप सभी से यही निवेदन है की आप सभी इस article को पूरा पढ़ें एवं अगर आपको अच्छा लगे तो आप इसे अपने दोस्तों को साथ अवस्य share करें।

Navgrah Stotra Lyrics 

जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महदद्युतिम् |

तमोरिंसर्वपापघ्नं प्रणतोSस्मि दिवाकरम् || १ ||

दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णव संभवम् |

नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट भूषणम् || २ ||

धरणीगर्भ संभूतं विद्युत्कांति समप्रभम् |

कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणाम्यहम् || ३ ||

प्रियंगुकलिकाश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम् |

सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम् || ४ ||

देवानांच ऋषीनांच गुरुं कांचन सन्निभम् |

बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम् || ५ ||

हिमकुंद मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् |

सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम् || ६ ||

नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् |

छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम् || ७ ||

अर्धकायं महावीर्यं चंद्रादित्य विमर्दनम् |

सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम् || ८ ||

पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रह मस्तकम् |

रौद्रंरौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम् || ९ ||

इति श्रीव्यासमुखोग्दीतम् यः पठेत् सुसमाहितः |

दिवा वा यदि वा रात्रौ विघ्न शांतिर्भविष्यति || १० ||

नरनारी नृपाणांच भवेत् दुःस्वप्ननाशनम् |

ऐश्वर्यमतुलं तेषां आरोग्यं पुष्टिवर्धनम् || ११ ||

ग्रहनक्षत्रजाः पीडास्तस्कराग्निसमुभ्दवाः |

ता सर्वाःप्रशमं यान्ति व्यासोब्रुते न संशयः || १२ ||

|| इति श्री वेद व्यास विरचितम् आदित्यादी नवग्रह स्तोत्रं संपूर्णं ||

 

नवग्रह स्रोत्र के नियमित पाठ करने से लाभ 

  • दोस्तों इसके पाठ से बहुत से लाभ होते है।
  • दोस्तों आपका हर कार्य जो की किसी अच्छे cause के लिए आप कर रहे है वो बिना किसी रूकावट के पूरा हो जाता है।
  • नवग्रह की कृपा आप पर बनी रहती है और वे आपकी रक्षा करते है।
  • भविष्य में होने वाला अनिष्ट कार्य टल जाता है।
  • आपका मन शांत होता है और आपका stress कम होता है।
  • आप हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहते है।
  • नवग्रहों को खुश करने के लिए आप स्तोत्र के साथ साथ चालीसा,आरती  एवं मंत्र का पाठ भी अवस्य करे।

नवग्रह स्तोत्र का महत्व 

दोस्तों नवग्रह स्तोत्र का महत्व बहुत अधिक है। अगर आपको नवग्रहों को प्रसन करना है तो आपको Navgrah Stotra का पाठ करना चाहिए। दोस्तों ज्यादातर लोग नवग्रहों को खुश करने के लिए नवग्रह चालीसा , आरती एवं स्तुति का पाठ करते है परन्तु स्तोत्र भूल जाते है। दोस्तों स्तोत्र भी उतना ही जरुरी है जितना की बाकि सब। दोस्तों इसके पाठ से आपके मन भी हल्का होता है और अकारण होने वाली चिंता भी कम होती है

दोस्तों मुझे आशा है की आप सभी को हमारा यह article बहुत पसंद आया होगा जो की Navgrah Chalisa Lyrics के ऊपर लिखा गया है। दोस्तों मैं आप सभी से यही कहूंगा की अगर आपको हमारी यह मेहनत पसंद आयी हो और अगर आप इसे सराहना चाहते है तो आप इसे अवस्य share करे। 

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Yadav

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