Surya stuti | श्री सूर्य स्तुति का पाठ एवं इससे होने वाले अद्भुत लाभ।

दोस्तों आप सभी का हमारे इस blog पर स्वागत है। दोस्तों आज के इस article के माध्यम से हम आपको Surya Stuti के बारे में बताने वाले है। दोस्तों सूर्य देव के बारे में आप सभी जानते ही होंगे।

दोस्तों सूर्य पृथ्वी के लिए एक बहुत बड़ा ऊर्जा का स्त्रोत है। दोस्तों अक्सर लोग सूर्य देव को खुश करने लिए आरती और चालीसा का पाठ करते है। लेकिन दोस्तों चालीसा और आरती के साथ साथ सूर्य स्तुति का पाठ करना भी बहुत जरुरी है।

दोस्तों आज के  article की  सहायता से हम आपको Surya Stuti Lyrics के साथ साथ इसके पाठ से होने वाले अद्भुत लाभों के बारे में भी बताएंगे। दोस्तों आप सभी से मेरा यही निवेदन है की आप सभी इस article को पूरा पढ़े।

सूर्य स्तुति का पाठ 

Surya stuti

Surya Stuti  के पाठ से होने वाले अद्भुत लाभ 

  • सूर्य देव की कृपा दृष्टि आप पर बनी रहती है।
  • आपके मन से भी अंधकार रूपी अहंकार नष्ट हो जाता है। 
  • आपको सूर्य स्तुति का पाठ सूर्य देव के सामने करना चाहिए। जिससे सूर्य देव से वाली ऊर्जा आपके भीतर भी प्रवेश कर सके। 
  • आपको कठिन से कठिन परिस्थिति से लड़ने के लिए सूर्य देव आपको शक्ति प्रदान करते है। 

सूर्य स्तुति का महत्व 

दोस्तों सूर्य देव के बिना इस पृथ्वी पर जीवन की कल्पना करना बहुत मुश्किल है। हमारी जिंदगी में बहुत सारे कार्य सूर्य देव के बिना नहीं कर सकते। सूर्य देव हज़ारो सालों से हमे free में ऊर्जा प्रदान कर रहे है। दोस्तों हमारा भी कर्त्तव्य है की हम सूर्य देव के प्रति अपने आभार को व्यक्त करे। दोस्तों मैं आप सभी यही कहूंगा की सूर्य देव को प्रसन करने के लिए आप इसका नित्य पाठ अवस्य करे। 

दोस्तों क्या होगा अगर सूर्य गायब हो जाये ?? अगर आपको जानना है तो इस Video को पूरा देखिये। 

 

भगवान शिव ने क्यों किया सूर्य देव पर प्रहार ?

Bhagwan shiv ne kyu kiya surya dev par prahar -min

कहा जाता है की सब सूर्य देव ने भगवान शिव के भक्त माली और सुमाली को मार दिया था तब भगवान शिव ने सूर्य देव पर अपनी त्रिशूल से प्रहार किया था। जैसे ही भगवान शिव ने उन पर अपने त्रिशूल से प्रहार किया तो वे अपने रथ से नीचे गिर गए। उसी समय ऋषि कश्यप भी वहां आ गए जब उन्होंने अपने पुत्र सूर्य देव को उस स्तिथि में देखा तो वे उन्हें अपनी छाती से लगाकर विलाप करने लगे। 

भगवान शिव को मिला श्राप

सूर्य देव पर प्रहार होने की वजह की  पूरी पृथ्वी पर अँधेरा छा गया। अपने पुत्र की ऐसी स्थिति देखकर ऋषि कश्यप क्रोधित हो गए और क्रोध में आकर उन्होंने भगवान शिव को यह श्राप दे दिया की ” जैसे आपने मेरे पुत्र पर प्रहार किया और इसकी ऐसी स्थिति हो गयी है वैसे ही कालांतर में आप अपने पुत्र पर स्वयं प्रहार करेंगे। इसी श्राप के कारन भगवान शिव द्वारा अपने पुत्र गणेश जी का मस्तक कट जाता है। 

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आप सभी को यह article जो की surya stuti पर लिखा गया है पसंद आया होगा। अगर आपको हमारा यह article पसंद आया है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ ही अवस्य share करे ताकि उन्हें भी भगवान सूर्य देव की स्तुति के बारे में पता चल सके। 

दोस्तों मुझे आशा है की आप सभी को हमारा यह article बहुत पसंद आया होगा। दोस्तों मैं आप सभी से यही कहूंगा की अगर आपको हमारी यह मेहनत पसंद आयी हो और अगर आप इसे सराहना चाहते है तो आप इसे अवस्य share करे। 

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Yadav

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